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समरसता, सेवा और संस्कार—गड़हिया पाठक में दिखी सनातन परंपरा की झलक

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पारदर्शी विकास ब्यूरो  कुशीनगर। तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र के गड़हिया पाठक गांव में सोमवार को आयोजित ब्रह्मभोज सामाजिक समरसता, श्रद्धा और सनातन परंपरा का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरा। कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक के पिता स्वर्गीय लालाबाबू पाठक की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से जनप्रतिनिधियों, संत समाज और हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।सुबह 9 बजे से शुरू हुआ ब्रह्मभोज देर शाम तक चलता रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जो सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बना। आयोजन में प्रदेश सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, 20 से अधिक विधायक और एमएलसी मौजूद रहे। तेलंगाना के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी और राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम सहित कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।रविवार से ही गांव में पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र से आने वाले लोगों का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।श्रद्धांजलि सभा के दौरान विधायक पी.एन. पाठक भावुक नजर आए। उन्होंने अपने पिता के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि स्व. लालाबाबू पाठक ने उन्हें जीवन में तीन मूल बातें सिखाईं—किसी भी जरूरतमंद को निराश न लौटाना, राजनीति को सेवा का माध्यम बनाना और समाज को जोड़ने का कार्य करना। उन्होंने कहा कि ब्रह्मभोज में सभी वर्गों के लोगों का एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करना ही उनके पिता के जीवन मूल्यों की सच्ची झलक है।यह आयोजन न सिर्फ एक श्रद्धांजलि सभा रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का एक प्रेरणादायी संदेश भी दे गया।