
नए विधानसभा-सचिवालय परिसर की योजना को मिली रफ्तार
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। गोमतीनगर क्षेत्र में सहारा इंडिया को पूर्व में आवंटित रही 245 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित नए विधानसभा भवन और सचिवालय परिसर की योजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के लिए जमीन के तकनीकी सर्वे और फिजिबिलिटी स्टडी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों की सात कंसल्टेंसी कंपनियों ने रुचि दिखाई है।जानकारी के अनुसार, इन कंपनियों में दिल्ली की एक, उत्तर प्रदेश की तीन और दक्षिण भारत की तीन कंपनियां शामिल हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) इन आवेदनों में से एक कंपनी का चयन करेगा। चयनित कंपनी को जमीन का विस्तृत तकनीकी सर्वे कर दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करानी होगी।सर्वे रिपोर्ट में जमीन की वर्तमान स्थिति, सीमांकन, मौजूदा उपयोग, निर्माण की संभावनाएं और संभावित तकनीकी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि नए विधानसभा भवन और सचिवालय परिसर का स्वरूप और विकास मॉडल क्या होगा।बताया जा रहा है कि इस परियोजना को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर रुचि देखने को मिली है, जिससे इसके बड़े और महत्वाकांक्षी स्वरूप का संकेत मिलता है।उल्लेखनीय है कि सहारा इंडिया को आवंटित इस भूमि की लीज नगर निगम द्वारा पूर्व में निरस्त कर दी गई थी। भूमि उपयोग संबंधी शर्तों के उल्लंघन को इसका प्रमुख कारण माना गया था। इसके बाद जमीन शासन के नियंत्रण में आ गई और यहां नए प्रशासनिक परिसर की योजना पर काम शुरू किया गया।परियोजना के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है, जबकि निर्माण संबंधी तकनीकी कार्यों की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है।
आवास विभाग होगा नोडल एजेंसी
परियोजना के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर काम करेगा। कंसल्टेंसी कंपनी की रिपोर्ट आगे की पूरी योजना का आधार बनेगी।