
PARDARSHI VIKASH NEWS सुप्रीम कोर्ट आज उस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें आधार कार्ड के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आधार को पहचान पत्र से आगे बढ़ाकर नागरिकता, निवास और जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि कानून इसकी अनुमति नहीं देता।याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने मांग की है कि आधार के उपयोग को केवल पहचान सत्यापन तक सीमित किया जाए। उनका कहना है कि नए वोटर रजिस्ट्रेशन समेत कई सरकारी प्रक्रियाओं में आधार को जन्म तिथि और निवास के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा रहा है, जो आधार अधिनियम 2016 और चुनाव कानूनों के प्रावधानों के खिलाफ है।याचिका में यह भी कहा गया है कि आधार का व्यापक उपयोग स्कूल एडमिशन, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों में किया जा रहा है, जिससे गलत पहचान या अवैध प्रवासियों द्वारा अन्य दस्तावेज हासिल करने की आशंका बढ़ती है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले की सुनवाई कर सकती है और यह तय किया जाएगा कि आधार के उपयोग की मौजूदा सीमा कानून के अनुरूप है या नहीं।