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सामाजिक कार्यकर्ता रामदेव भजनी की स्मृति में गंगौली में हुई श्रद्धांजलि सभा

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ अमेठी।  रविवार को निर्वाण प्राप्त सामाजिक कार्यकर्ता रामदेव भजनी की स्मृति में गंगौली में पुण्यानुमोदन संस्कार और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोग‌‌ शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा में बौद्ध धम्म की शिक्षाओं पर विस्तार से संवाद हुआ। बौद्ध भिक्षु भंते शील रत्न ने त्रिसरण, पंचशील की व्याख्या करते हुए उपासक,उपासिकाओं  को  बौद्ध धम्म के अनुरूप आचरण और कार्य व्यवहार के संदेश दिए और कहा कि भगवान बुद्ध का मध्यम मार्ग सबके लिए कल्याणकारी है। बौद्धाचार्य वैरागी राम भारती ने कहा कि बौद्ध धम्म वैज्ञानिक धम्म है। यहां अंधविश्वास, अवैज्ञानिक मान्यताओं और कर्मकाण्ड को कोई स्थान नहीं। बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने दुनिया के सभी धर्मों का गहन अध्ययन करने, सभी धर्मों की मान्यताओं का परीक्षण करने के बाद बौद्ध धम्म ग्रहण करने का निर्णय लिया और बुद्धं सरणं गच्छामि --के संदेश दिए।बामसेफ के जिला संयोजक और वरिष्ठ पत्रकार संजीव भारती ने बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन दर्शन, छुआछूत और अश्पृश्यता के विरुद्ध किए गए सामाजिक आंदोलनों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे अच्छा संविधान देने के बाद बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने बौद्ध धम्म ग्रहण करने का निर्णय लिया और 14अक्टूबर 1956को‌ नागपुर में अपने पांच लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली और देश के लोगों को बुद्ध सरणं गच्छामि --के संदेश दिए। समता और समानता बौद्ध धम्म का आधार है। मैत्री भाव बौद्ध धम्म का मूल है। बौद्ध धम्म के पुनरुत्थान में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर का महान योगदान है।  कार्यक्रम का संचालन बौद्धाचार्य राम प्रताप ने किया।  पूर्व प्रधान राम यश यादव,बेचू चौधरी,अलगू राम,राम समुझ, बामसेफ के पूर्व विधानसभा संयोजक रामचंद्र, विधानसभा संयोजक फूलचंद्र बौद्ध, अम्बेडकर सेवा समिति के जिला अध्यक्ष संजय कुमार शास्त्री, डॉ नन्हे लाल, जगदीश प्रसाद, वीरेंद्र कुमार -धनापुर, उदयराज, ललित कुमार, बृजेश कुमार, एडवोकेट कुल रोशन, सत्येन्द्र कुमार, राम देव लहरी, दिलीप कुमार, बसपा के विधानसभा उपाध्यक्ष कमलेश कुमार, महासचिव श्याम कुमार, त्रिभुवन यादव ,राम प्रसाद, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।