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नगर निगम सदन बना अखाड़ा, पार्षदों में मारपीट तक नौबत

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। नगर निगम सदन की शनिवार को हुई बैठक विकास कार्यों के बजाय हंगामे और पार्षदों के बीच विवाद को लेकर चर्चा में रही। वार्ड परिसीमन और बरातशाला के मुद्दे पर भाजपा पार्षद विकास जायसवाल और सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेयी के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद गालीगलौज और मारपीट तक पहुंच गया। भाजपा पार्षद नवीन पंडित समेत अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली।विवाद के दौरान विकास जायसवाल ने सदन में नारे लगाए। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही करीब आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। महापौर प्रमिला पांडेय ने पार्षदों को शांत कराते हुए कहा, "यह सदन है, दंगल नहीं। बाहर जाकर लड़ो।" उन्होंने सभी को सदन की मर्यादा बनाए रखने की हिदायत दी। विवाद के बाद विकास जायसवाल सदन से बाहर चले गए।बैठक में नगर निगम की कार्यप्रणाली, टेंडर प्रक्रिया और विभिन्न समितियों को भंग किए जाने का मुद्दा भी उठा। पार्षदों ने नगर आयुक्त से जवाब मांगा। पार्षद गोविंद ने कहा कि उनके क्षेत्र में दो साल से कूड़ा गाड़ी नहीं है। उन्होंने कमेटियां बनाए जाने के बावजूद धरातल पर काम नहीं दिखने की बात कही। मंगल भवन की कमेटी भंग करने पर भी सवाल उठाए गए। पार्षदों ने कहा कि मंगल भवनों की व्यवस्था सुधारने के साथ शहर में नए भवन भी विकसित किए जाने चाहिए।बैठक में भाजपा के बागी पार्षदों को लेकर भी विरोध और हंगामा हुआ। इस दौरान सदन में विभिन्न मुद्दों पर पार्षदों के बीच बहस जारी रही।

कार्यकारिणी के छह सदस्य सर्वसम्मति से चुने गए
नगर निगम कार्यकारिणी के छह सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। इनमें सपा से रजत कौशिक बाजपेयी और भाजपा से आदर्श गुप्ता, सतीश यादव, जितेंद्र चौरसिया, कौशल मिश्रा तथा वंदना शर्मा शामिल हैं। सदन की अगली बैठक दस दिन बाद आयोजित होगी।