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कपड़ों में ही मल-मूत्र त्यागने को मजबूर किया, गाली-गलौज व फर्जी एनकाउंटर की धमकी

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पुलिस पर शादी के जोड़े से अमानवीय व्यवहार के आरोप

 

 

 

अमेठी। हरियाणा के हिसार से शादी कर दुल्हन लाने वाले दिव्यांग दूल्हे को यूपी पुलिस ने ऐसा इनाम दिया, जो थर्ड डिग्री टॉर्चर से कम नहीं है। पीपरपुर पुलिस पर आरोप है कि शादी के एक घंटे बाद ही दूल्हा-दुल्हन, 8 माह की बच्ची समेत 7 लोगों को बिना वारंट उठाकर थाने में बंद कर दिया और शौच तक नहीं जाने दिया।पीड़ित रमेश कुमार पुत्र सुशील कुमार ग्राम डाबरा थाना आजाद नगर हिसार, जो विकलांग है, उसने एसपी अमेठी को दिए शपथ-पत्र में बताया कि उसकी शादी 23 सितंबर को चंडी मंदिर पंचकुला में किरण पाल निवासी मंगा गोपालपुर पीपरपुर से हुई थी। किरण अपनी आठ माह की बेटी कृतिका के साथ विदा होकर ससुराल गई ही थी, तभी पीपरपुर थाने के दरोगा अनिल मिश्रा, कांस्टेबल ऋषि यादव व दो सादे वर्दीधारी पुलिसकर्मी चार पहिया से पहुंचे और सभी को घसीटकर 24 सितंबर को थाना पीपरपुर ले आए। शपथ-पत्र में सबसे सनसनीखेज आरोप है कि महिलाओं को बैरक में बंद कर भोजन-पानी बंद कर दिया गया। लैट्रिन-पेशाब की गुहार पर पुलिस ने गाली-गलौज करते हुए फर्जी एनकाउंटर में मार देने की धमकी दी और कहा- अपने-अपने कपड़ों में ही पेशाब-पखाना करो,  मजबूरन महिलाओं और दिव्यांग को अपने ही कपड़ों में मल त्यागना पड़ा, जो सीधे-सीधे थर्ड डिग्री टॉर्चर है।पीड़िता के अनुसार पुलिस ने सादे कागज पर डरा-धमकाकर हस्ताक्षर भी करा लिए। शपथकर्ता डरी-सहमी है और कोर्ट में बयान देना चाहती है। पीड़ित ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, अवैध हिरासत और अमानवीय कृत्य करने वाले पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।एसओ अरुण कुमार मिश्र ने पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और मनगढ़ंत बताए, उन्होंने कहा कि लड़की बरामद हो गई है,उसे नारी संरक्षण गृह में रखा गया है। मुकदमे की विवेचना की जा रही है।