
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर।
जनगणना को लेकर कुशीनगर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी दस वर्षीय जनगणना के प्रथम चरण में 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इसके तहत जिले के नागरिक घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार और आवास से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में स्व-गणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं भरने का अवसर मिलेगा और जनगणना की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं व्यवस्थित होगी।
ओटीपी से होगा सत्यापन, मिलेगा रजिस्ट्रेशन नंबर
स्व-गणना के लिए परिवार का मुखिया या परिवार का कोई अधिकृत सदस्य आधिकारिक पोर्टल पर जाकर निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज कर सकेगा। इस दौरान परिवार के मुखिया के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद प्रक्रिया पूरी होगी और एक विशिष्ट रजिस्ट्रेशन नंबर प्राप्त होगा। नागरिकों को इस नंबर को सुरक्षित रखना होगा। बाद में घर-घर जनगणना के दौरान प्रगणक इसी रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है जनगणना
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना केवल आबादी की गिनती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें विकास योजनाएं तैयार करने, संसाधनों का बेहतर आवंटन करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का काम करती हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार की सही और पूरी जानकारी दर्ज होना बेहद जरूरी है।
मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी ने भी जनपदवासियों से 16 से 30 नवंबर के बीच स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता से ही जनगणना के आंकड़ों को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाया जा सकता है।
यहां करें ऑनलाइन स्व-गणना
आधिकारिक पोर्टल:
[https://se.census.gov.in](https://se.census.gov.in?utm_source=chatgpt.com)