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क्राफ्ट हाउस फाउंडेशन लखनऊ द्वारा निषाद महोत्सव का आयोजन

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क्राफ्ट हाउस फाउंडेशन लखनऊ ने आज स्कयर इन होटल, सेक्टर बी-4, विस्तार गोमती नगर में निषाद महोत्सव का आयोजन किया। इस अवसर पर निषाद समाज के प्रमुख नेताओं और समाजसेवियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफलता प्रदान की। कार्यक्रम की शुरुआत निषाद समाज के वरिष्ठ नेताओं द्वारा निषाद राज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयाराम निषाद, पूर्व ग्राम विकास उपयुक्त और प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय निषाद संघ, ने समाज के आरक्षण और अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि मझवार अनुसूचित जाति का आरक्षण समाज का जन्मसिद्ध अधिकार है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आरक्षण के नाम पर समाज के साथ धोखा कर रहे हैं, इसलिए समाज को एकजुट होकर अपनी लड़ाई लड़नी होगी।विशिष्ट अतिथि कैलाश नाथ निषाद, प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय निषाद संघ और नेशनल एसोसिएशन ऑफ फिशर मेन उत्तर प्रदेश, ने समाज के गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महर्षि वेदव्यास और महाराजा निषादराज गुह्य जैसे महान पूर्वजों के बिना भारत का इतिहास अधूरा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि विलुप्त होती नदियां, छीनते हुए पुश्तैनी पेशे और बेरोजगारी समाज के लिए बड़ी चुनौती हैं, जिनका समाधान समाज को मिलकर करना होगा।कार्यक्रम में समाज की पारंपरिक मार्शल जाति के योगदान पर भी प्रकाश डाला गया। कैलाश निषाद ने कहा कि निषाद समाज ने देश की लड़ाई में अपने जीवन का बलिदान दिया और यह समाज राष्ट्रभक्त है। उन्होंने समाज के सदस्यों को आगाह किया कि अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करना आवश्यक है, क्योंकि बिना संघर्ष के कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। उनका मूल मंत्र था – शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो।कार्यक्रम के दौरान दयाराम निषाद ने सरकारों द्वारा निषाद समाज को पिछड़ी जातियों में डालने और आरक्षण से अलग करने के प्रयासों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज देश की अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन के माध्यम से 4.30% विदेशी मुद्रा में योगदान करता है, जिससे समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में मेधावी छात्रों और कला, पेंटिंग तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। प्रमोद निषाद, तूफानी निषाद, राजीव रतन चंद्र, भवानी प्रसाद निषाद, संजय निषाद, इंजीनियर रामदेव निषाद सहित समाज के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।निषाद महोत्सव ने समाज को एकजुट होकर अपने हक के लिए संगठित होने और सांस्कृतिक गौरव बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में निषाद समाज की ऐतिहासिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को उजागर करते हुए सभी को आगे आने का प्रेरक संदेश दिया गया।