
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 के पार्ट-वन में अंडरग्राउंड सेक्शन का काम पूरा होने के बाद मंगलवार को ट्रेन का टेस्ट रन सफलतापूर्वक किया गया। अब यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले कई चरणों में तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। इसके बाद मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की रिपोर्ट और आवश्यक मंजूरी के आधार पर परिचालन शुरू होगा।कॉरिडोर-2 करीब 8.60 किलोमीटर लंबा है, जो चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) से बर्रा-8 तक प्रस्तावित है। इसके पहले चरण में सीएसए से विजय नगर स्टेशन तक का काम पूरा हो गया है। मंगलवार को मेट्रो ट्रेन कॉरिडोर-2 डिपो से रवाना हुई। ट्रेन डाउनलाइन पर रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया स्टेशन होते हुए विजय नगर स्टेशन के पास स्थित रैंप तक पहुंची और फिर वापस डिपो लौट आई। शुरुआती परीक्षण में ट्रेन को 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया गया। आगामी ट्रायल में गति बढ़ाकर 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन के मोटर, ब्रेक, पहियों, दरवाजों, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों की जांच होगी। साथ ही ट्रैक की गुणवत्ता, कंपन, ट्रेन की स्थिरता और आपातकालीन ब्रेकिंग क्षमता का भी आकलन किया जाएगा।ट्रायल से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आवश्यक सुरक्षा परीक्षण और सीएमआरएस की मंजूरी मिलने के बाद ही इस रूट पर आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू की जा सकेगी।
सीएमआरएस की रिपोर्ट के बाद दौड़ाई जाएगी ट्रेन
ट्रायल रन सफल होने का अर्थ यह नहीं है कि अगले ही दिन यात्रियों के लिए मेट्रो शुरू हो जाएगी। आम तौर पर आगे की प्रक्रिया में ट्रायल के आंकड़ों और तकनीकी रिपोर्ट की समीक्षा करना, ट्रैक, ट्रेन, सिग्नलिंग, बिजली और अन्य प्रणालियों की कमियों को दूर करना व आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण पूरे करना शामिल है।लागू नियमों के अनुसार संबंधित सक्षम सुरक्षा प्राधिकरण, जैसे मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS), से जरूरी मंजूरी प्राप्त करना होता है। इसके बाद मेट्रो को पब्लिक के लिए चलाया जाता है।