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केजीएमयू वीसी प्रो. सोनिया नित्यानंद की बड़ी कार्रवाई, यूरोलॉजी विभाग में दवा खरीद घोटाले पर हेड हटाए गए

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केजीएमयू वीसी प्रो. सोनिया नित्यानंद के नेतृत्व में कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यूरोलॉजी विभाग में सामने आए कथित दवा खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रक्रियागत खामियां मिलने के बाद विभागाध्यक्ष प्रो. अपुल गोयल को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। कुलपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में सरकारी योजनाओं के तहत दवाओं की खरीद और वितरण में गंभीर अनियमितताओं के प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए हैं। इसी आधार पर प्रो. अपुल गोयल को विभागाध्यक्ष के दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह प्रो.एच.एस. पहवा को यूरोलॉजी विभाग का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जांच में सामने आया कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए खरीदी जाने वाली दवाओं को कथित रूप से फर्जी मरीजों के नाम पर मंगाया जा रहा था। असाध्य योजना के तहत जहां सामान्यतः हर माह लगभग 10 लाख रुपये की दवाएं खरीदी जाती थीं, वहीं हाल के महीनों में यह खर्च बढ़कर करीब 45 लाख रुपये तक पहुंच गया। प्राथमिक जांच में करीब 40 मरीजों को बार-बार कागजों में भर्ती दिखाकर उनके नाम पर कैंसर, प्रोटीन और आयरन जैसी महंगी दवाओं की खरीद का मामला सामने आया है। कई मरीजों ने जांच के दौरान बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी मामले में तीन आउटसोर्स कर्मचारियों को बर्खास्त, एक फार्मासिस्ट को निलंबित किया गया है तथा चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोटाले में शामिल एजेंसी से धनराशि की वसूली और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

केजीएमयू वीसी प्रो. सोनिया नित्यानंद