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जल अर्पण दिवस और जल चौपालों के आयोजन में पीछे है प्रदेश के अधिकांश जिले

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जल जीवन मिशन -जलापूर्ति की शिकायतों को 24घंटे के अंदर दूर करें अधिकारी:जल शक्ति मंत्री

संजीव भारती
पारदर्शी  विकास न्यूज़  लखनऊ। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने आई जी आर एस पोर्टल पर आने वाली जलापूर्ति सम्बन्धी शिकायतों का निस्तारण 24घंटे के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही पूर्ण हो चुकी सभी संचालित परियोजनाओं की ओर से जल अर्पण दिवस और जल चौपाल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।‌
 जल शक्ति मंत्री ने सबसे पहले पोर्टल पर आने वाली शिकायतों और निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की। प्रदेश के अधिकांश जिलों में स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।
 जलापूर्ति को लेकर जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण नहीं हो रहा है। निर्माण एजेंसियों की मनमानी से अवर अभियंता और अन्य कार्मिक दुःखी हैं। अमेठी, सुल्तानपुर, अम्बेडकर नगर, बाराबंकी, अयोध्या सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में जल अर्पण दिवस के आयोजन लक्ष्य के अनुसार नहीं हो पाए हैं। समीक्षा बैठक में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद, एमडी जल निगम ग्रामीण, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


पाइपलाइन बिछाने से प्रभावित सड़कों की तुरंत करें मरम्मत
समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने से प्रभावित सड़कों की तत्काल प्रभाव से मरम्मत की जाए। अगर कहीं भी सड़क रिस्टोरेशन के कार्यों में शिकायत आती है, तो दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा। जलशक्ति मंत्री ने जिले के  अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह अंतिम चेतावनी है, इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किया जाएगा। समीक्षा बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकारी गांवों में जाकर जल जीवन मिशन के प्रभाव का आकलन करें। विशेषकर जलजनित बीमारियों में आई कमी और ग्रामीणों के जीवन में हुए सकारात्मक बदलाव की जानकारी लें। लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करें।



जल अर्पण कार्यक्रमों में लाएं तेजी
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन की ज्यादातर परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा से पहले ही पूरी हो चुकी हैं। जिन-जिन गांवों में नल से पेयजल आपूर्ति का काम पूरा हो चुका है। वहां जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन कराया जाए। लोगों को "जल अर्पण" कार्यक्रम के महत्व को समझते हुए अधिक से अधिक जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जलशक्ति मंत्री ने प्रत्येक जिले में नियमित रूप से जल चौपाल आयोजित करने, जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उन्हें जल जीवन मिशन की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल एवं "जल सारथी" ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।