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हडवाही की जमीन पर जबरन अम्बेडकर प्रतिमा लगाने पर नरहरपुर में बवाल

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दलित परिवारों की महिलाओं के साथ पुलिस की तीखी झड़पें हुईं
ग्राम प्रधान की भूमिका पर उठे सवाल, बिना अनुमति के दलितों को प्रतिमा लगाने के लिए उकसाया

pardarshi vikas news amethi 
कोतवाली रामगंज अन्तर्गत नरहरपुर गांव में दलित परिवारों की ओर से जानवरों की खाल निकालने के लिए सुरक्षित जमीन पर जबरन बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर बवाल हो गया है।एस डी एम के फोर्स के साथ गांव पहुंचने पर मामला शांत हुआ है। पुलिस गांव में कैम्प कर रही है। मामले में मौजूदा ग्राम प्रधान धनंजय यादव की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। नरहरपुर गांव के लोग हर वर्ष 14अप्रैल को बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के जीवन दर्शन पर आधारित झांकी निकालते हैं और अम्बेडकर कल्याण समिति के बैनर तले जनता नगर भादर में आयोजित समारोह में शामिल होते हैं। इस बार गांव के दलित परिवारों ने ग्राम प्रधान से बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा लगाने की बात की, जबकि गांव में अभी तक अम्बेडकर पार्क की जमीन सुरक्षित नहीं है। ग्राम प्रधान ने हडवाही स्थल की जमीन पर प्रतिमा लगाने के लिए चबूतरे का निर्माण कराया और 8अप्रैल को गांव के दलित परिवारों के लोगों के संयुक्त हस्ताक्षर से अनुमति के लिए एक प्रार्थना पत्र एस डी एम को दिया।एस डी एम आशीष सिंह ने तहसीलदार और राजस्व टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई तो जमीन सुरक्षित निकली।एस डी एम ने  लेखपाल और फोर्स को मौके पर भेजकर निर्माण रोक दिया। शनिवार को ग्राम प्रधान की ओर से समर्थन और सहयोग मिलने पर दलित परिवारों ने मिलकर जबरन चबूतरे पर बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा लगाना शुरू कर दिया। जानकारी होते ही थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और काम बंद करा दिया। दलित परिवारों की दर्जनों महिलाएं विरोध प्रदर्शन पर उतर आईं और सड़क जाम करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर एस डी एम ने पड़ोस के थानों से अतिरिक्त फोर्स भेजकर मामले को शांत किया और तनावपूर्ण स्थिति पर नियंत्रण के लिए स्वयं शाम तक गांव में रहे और रामगंज थाने की पुलिस को 14अप्रैल तक गांव में कैम्प करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान धनंजय यादव मौके से फरार है ,उनका मोबाइल बंद है। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि घेर्राऊ कोरी भी घर पर नहीं है।

 

अनुमति की दर्खास्त पर फर्जी हस्ताक्षर बनाने के आरोप 
पूर्व प्रधान रीना कोरी ने बताया कि प्रतिमा लगाने के लिए दी गई दर्खास्त पर जबरन प्रतिमा लगाने वाले लोगों और ग्राम प्रधान धनंजय यादव ने उनके ससुर घेर्राऊ कोरी के फ़र्जी हस्ताक्षर बनाए हैं ,उनके ससुर को इस बारे में जानकारी नहीं है। विवाद से उनका कोई सम्बन्ध नहीं है, उन्होंने पुलिस को सूचित भी किया है।

 

 चुनावी वर्ष में ग्राम प्रधान के अम्बेडकर प्रेम पर उठे सवाल 
 ग्राम प्रधान धनंजय यादव ने चार साल तक गांव में अम्बेडकर पार्क की भूमि सुरक्षित कराने और अम्बेडकर प्रतिमा लगाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही उनके अंदर बाबा साहब डॉ अम्बेडकर के प्रति अपार प्रेम जग गया और उन्होंने अपने गांव के रविदास टोले के परिवारों को जबरन प्रतिमा लगाने की सलाह दे डाली और नियमों के विरुद्ध काम करते हुए तनावपूर्ण स्थिति कायम करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। अम्बेडकर कल्याण समिति के स्थानीय पदाधिकारियों ने ग्राम प्रधान की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना की है।

 

22मार्च को गांव में हुई थी बैठक,सहमतनामा तैयार करके पुलिस और प्रशासन को दिया 
नरहरपुर गांव में अम्बेडकर प्रतिमा की स्थापना के लिए 22मार्च को बैठक हुई थी। गांव के दलित परिवारों ने आपसी सहमति से जानवरों की खाल निकालने के स्थान पर डा अम्बेडकर की प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया और सहमति पत्र तैयार करके पुलिस को दिया था। तहसील से आई जांच टीम ने इसे स्वीकार नहीं किया।

 

 

नरहरपुर में कुछ लोग सुरक्षित जमीन पर जबरन बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा लगाना चाहते थे। पुलिस के हस्तक्षेप पर माहौल अशांत हुआ था। जानवरों की खाल निकालने के लिए सुरक्षित जमीन पर अम्बेडकर प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती है। गांव में अम्बेडकर पार्क हेतु जमीन सुरक्षित नहीं है। जबरन कोई भी काम करने से सख्ती से मना कर दिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है।

आशीष सिंह  उप जिलाधिकारी, अमेठी