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हाईटेक सुरक्षा, गाड़ियों का काफिला और अपने ही फार्म हाउस में बंधक हुए भाजपा प्रदेश मंत्री रमेश यादव, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था, गाड़ियों का लंबा काफिला और राजनीतिक रसूख के बीच रहने वाले भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री रमेश यादव अपने ही फार्म हाउस में बदमाशों के हाथों बंधक बना लिए गए। बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए रमेश यादव को एक साल से अधिक समय बीत चुका है और हाल ही में उन्हें पार्टी में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी मिली थी। सोमवार देर रात कानपुर के सेन पश्चिमपारा थाना क्षेत्र के न्योरी गांव स्थित उनके फार्म हाउस में नकाबपोश बदमाशों ने घुसकर करीब 12 लाख रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठी और राडो कंपनी की घड़ी लूट ली। बदमाशों ने उनके हाथ-पैर बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया और फरार हो गए। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सुरक्षा गार्डों और सीसीटीवी कैमरों से लैस फार्म हाउस में प्रदेश स्तर के नेता सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता अपनी सुरक्षा को लेकर कैसे निश्चिंत रहे?

सोमवार को लखनऊ में रमेश यादव (बाएं से दूसरे) ने BJP पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री का पदभार ग्रहण किया था। इस दौरान उन्होंने सीएम के साथ तस्वीर खिंचवाई थी।

रमेश यादव एक अक्टूबर को भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश मंत्री बनाए गए थे। सोमवार को उन्होंने लखनऊ में पदभार ग्रहण किया और देर रात करीब 12:30 बजे कानपुर पहुंचे। इसके बाद वह अपने घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित फार्म हाउस में अकेले रुक गए। बताया गया है कि फार्म हाउस में चार सुरक्षा गार्ड तैनात थे। इसके बावजूद रात में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 1:20 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों और फोर्स ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।रमेश यादव के मुताबिक, उनके फॉलोअर अभय राजपूत खाना खिलाकर करीब पौने 11 बजे वहां से चले गए थे। इसके लगभग 15 मिनट बाद दो नकाबपोश बदमाश फार्म हाउस में पहुंचे। एक बदमाश ने उनके सीने पर तमंचा लगा दिया, जबकि दूसरे के हाथ में पेट्रोल की बोतल थी। रमेश यादव के अनुसार, बदमाशों ने उनसे कहा कि वे बहुत परेशान हैं और उन्हें दो करोड़ रुपये चाहिए। उन्होंने बदमाशों से फोन करके रुपये मंगाने की बात कही, लेकिन बदमाशों ने उन्हें गार्ड को फोन करने से रोकते हुए कहा कि वे जानते हैं कि वह किसे फोन करेंगे।इसके बाद बदमाश रमेश यादव को कमरे के अंदर ले गए और लॉकर में रखे करीब 12 लाख रुपये निकाल लिए। आरोप है कि बदमाश उनकी सोने की चेन, अंगूठी और राडो कंपनी की घड़ी भी लूट ले गए। इसके बाद उन्होंने रमेश यादव के हाथ-पैर बांध दिए और उन्हें बाथरूम में बंद कर दिया। रमेश यादव ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें तौलिया और पानी की बोतल भी दी थी। उनके जाने के बाद उन्होंने किसी तरह शरीर पर लगी टेप हटाई और गार्ड को फोन किया। गार्ड मौके पर पहुंचे और उन्हें बाथरूम से बाहर निकाला। उनके अनुसार, बदमाश करीब 37 मिनट तक फार्म हाउस में मौजूद रहे।

घटना की जानकारी मिलने पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा और डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम ने भी जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस को फार्म हाउस के पीछे स्थित पेड़ पर जूतों के रगड़ने के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश पीछे की ओर से परिसर में दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देने के बाद टीन शेड के रास्ते से कूदकर फरार हो गए।फार्म हाउस की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में है। बताया गया है कि करीब चार बीघे में बने फार्म हाउस की बाउंड्री लगभग 10 फीट ऊंची है और उसके ऊपर कंटीले तार लगे हैं। परिसर में 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद बदमाशों का अंदर पहुंचना, लूटपाट करना और फरार हो जाना कई सवाल खड़े करता है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बदमाशों के प्रवेश का फुटेज नहीं मिला, लेकिन भागते समय दो संदिग्ध कैमरे में कैद हुए हैं। दोनों काले कपड़े पहने हुए थे।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बदमाशों को फार्म हाउस के अंदर की व्यवस्था और वहां मौजूद लोगों की जानकारी कैसे थी। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद फार्म हाउस में आने-जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, घटना के खुलासे के लिए आठ टीमें लगाई गई हैं और दो संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही मामले का खुलासा करने की बात कही है।राजनीतिक रूप से सक्रिय रमेश यादव दो बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। उनकी पत्नी शशि यादव भी ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर बिठूर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके साथ हुई इस वारदात ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम नागरिकों तक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।फिलहाल पुलिस लूट की घटना की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी, लूटी गई नकदी और सामान की बरामदगी तथा वारदात के पीछे की वजह स्पष्ट होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ऊंची बाउंड्री, दर्जनों सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्डों के बावजूद किसी राजनीतिक पदाधिकारी को उसके अपने फार्म हाउस में बंधक बनाकर लूट लिया जाता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कितनी पुख्ता है? घटना ने पुलिस की निगरानी, निजी सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों पर अंकुश लगाने की तैयारियों को लेकर जवाबदेही की मांग को फिर सामने ला दिया है।