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बीबीएयू प्रशासन पर छात्रों ने लगाए उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप

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बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के 30 से अधिक दलित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर जातिगत भेदभाव, उत्पीड़न और शैक्षणिक दमन के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर प्रशासन पर उनके खिलाफ निष्कासन, आर्थिक दंड, परीक्षा संबंधी प्रतिबंध और गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराने का आरोप लगाया।छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से छात्र समस्याएं उठाने पर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में छात्रों पर आर्थिक दंड लगाए जाने तथा शिक्षा से वंचित किए जाने का भी दावा किया गया। छात्रों ने आरोप लगाया कि गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाने पर भी कार्रवाई की गई।प्रेसवार्ता में छात्रों ने निष्कासन व अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने, दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष जांच, आर्थिक दंड रद्द करने और परीक्षा से वंचित छात्रों को परीक्षा में शामिल करने की मांग की। साथ ही जातिगत भेदभाव और कथित अमानवीय व्यवहार की शिकायतों पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से समान एवं निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा के अधिकार को किसी भी स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।प्रेसवार्ता में पीएचडी स्कॉलर अंकित गुप्ता, सौरभ कठेरिया,शिम्पी, दीक्षा, नम्रता, गरिमा, जाह्नवी समेत अन्य पीड़ित छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।