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7 साल की कानूनी लड़ाई जीती, फिर भी नहीं मिला जमीन का कब्जा

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। बिल्हौर क्षेत्र के झंडा मैदान गांव निवासी बुजुर्ग दंपति ने न्यायालय के आदेश के बावजूद भूमि से अवैध कब्जा न हटाए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को कानपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राकेश कुमार अवस्थी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वर्षों की कानूनी लड़ाई जीतने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।राकेश कुमार अवस्थी ने बताया कि उनकी पुश्तैनी भूमि पर कुछ लोगों ने कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया था। इस संबंध में उन्होंने पुलिस और प्रशासन से शिकायत की थी, जिसके बाद वर्ष 2019 में मामला एसडीएम बिल्हौर के समक्ष पहुंचा। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद संबंधित प्राधिकारी द्वारा कब्जा हटाने का आदेश जारी किया गया। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं कराया गया और उन्हें लगातार थाना व तहसील के चक्कर लगाने पड़े।उन्होंने बताया कि बाद में विपक्षी पक्ष ने न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की, लेकिन वहां भी फैसला उनके पक्ष में आया। न्यायालय ने आदेश के अनुपालन के लिए निर्धारित समय सीमा तय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है।राकेश अवस्थी का आरोप है कि संबंधित विभागों के अधिकारी मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजे, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायतों का औपचारिक निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वह और उनकी पत्नी दोनों बुजुर्ग हैं और वर्षों से न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से न्यायालय के आदेश का तत्काल अनुपालन कराने की मांग की। उनका कहना है कि कानून और न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित होना चाहिए, ताकि आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों तक फिर से गुहार लगाएंगे।बुजुर्ग दंपति ने प्रशासन से निष्पक्ष हस्तक्षेप कर उन्हें उनकी भूमि का कब्जा दिलाने और मामले का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है।