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64 गांवों की जमीनों पर प्रतिबंध के खिलाफ बार संघ का प्रदर्शन

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पारदर्शी विकाश न्यूज़  तमकुहीराज, कुशीनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग NH27B के चौड़ीकरण को लेकर 64 गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में तमकुहीराज तहसील बार संघ ने मोर्चा खोल दिया है। बार संघ के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जनहित में इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की है। बार संघ का कहना है कि केवल उन्हीं गांवों की भूमि को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, जो वास्तव में सड़क चौड़ीकरण परियोजना से प्रभावित हैं। जिन गांवों का परियोजना से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, वहां जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाना न केवल अनुचित है बल्कि इससे आम जनता को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बार संघ के अध्यक्ष के नेतृत्व में मंत्री , अधिवक्ता , पूर्व मंत्री सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर प्रभावित जनता को राहत देने की मांग की। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने विशेष रूप से अहिरौली मिश्र गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि यह गांव NH27B मार्ग से काफी दूर स्थित है, इसके बावजूद यहां की भूमि को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। उनका तर्क है कि ऐसे गांवों को प्रतिबंध की सूची में शामिल करना न्यायसंगत नहीं है। उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा ने अधिवक्ताओं की आपत्तियों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि संबंधित कार्रवाई शासन के निर्देशों और प्रचलित नियमों के तहत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राप्त ज्ञापन और प्रस्तुत तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बार संघ का आरोप है कि भूमि खरीद-बिक्री पर लगी रोक से किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई लोग आर्थिक जरूरतों के बावजूद अपनी जमीन का हस्तांतरण नहीं कर पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है। अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समीक्षा के बाद गैर-प्रभावित गांवों को प्रतिबंध से राहत मिलती है तो हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है।