
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को कानपुर पहुंचे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में शामिल होने वीरेंद्र स्वरूप पार्क स्थित टीएसएच स्पोर्ट्स हब पहुंचे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और कार्यकाल को कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित किया। कानपुर पहुंचने के बाद हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने 2027 के विधानसभा चुनाव, समाजवादी पार्टी के पीडीए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर अपनी बात रखी।केशव प्रसाद मौर्य ने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा 2027 तो छोड़िए, 2047 तक भी सत्ता में नहीं आने वाली है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम के बाद समाजवादी पार्टी सैफई की ओर जाती दिखाई देगी।अखिलेश यादव के पीडीए फॉर्मूले पर टिप्पणी करते हुए मौर्य ने इसे फर्जी बताया। उन्होंने पीडीए का अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट एजेंसी’ और ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी जातीय समीकरणों के सहारे सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है। मौर्य ने कहा कि प्रदेश की जनता सपा के पीडीए की असलियत जानती है। उन्होंने पीडीए पर गुंडों, अपराधियों और दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।मतदाता सूची और चुनाव आयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव और सही मतदाता सूची सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। उनके अनुसार, आयोग ने संशोधन से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए हैं।राकेश सचान के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलों को लेकर पूछे गए सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "अखिलेश यादव हमसे मिले थे, वह खुद भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।" उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं।उपमुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के कार्यक्रम में शामिल होने कानपुर पहुंचे थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और कार्यकाल को कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति के जरिए दर्शाया। इस दौरान सेवा और जनकल्याण से जुड़े विषयों को भी प्रस्तुत किया गया।