
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। लखनऊ और सहारनपुर में हुई ताजा घटनाओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लखनऊ में ब्राह्मण समाज के एक युवा भाजपा नेता के ऊपर जानलेवा हमले की घटना का उल्लेख करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा है यूपी में ब्राह्मण समाज उपेक्षित ही नहीं असुरक्षित है,जो चिंतनीय है जबकि बीएसपी की सभी सरकारों में ब्राह्मण समाज सहित समाज के हर वर्ग की जान ,माल और मजहब की सुरक्षा के साथ बेहतरीन कानून व्यवस्था कायम रही है।मायावती ने उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का गठन और विस्तार सत्ताधारी दल का आंतरिक राजनीतिक विषय होता है, इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इसका सकारात्मक प्रभाव आमजन, विशेषकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, युवाओं और महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान पर दिखाई देना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि जनता को सरकार और मंत्रियों के कार्यों में सुधार महसूस नहीं होता है तो लोग इसे केवल राजनीतिक प्रबंधन और सरकारी संसाधनों पर बढ़ते बोझ के रूप में देखेंगे। बसपा प्रमुख ने यह भी कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को न्याय और सुरक्षा मिलना सरकार की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी है।अपने बयान में उन्होंने हाल ही में राजधानी लखनऊ में ब्राह्मण समाज से जुड़े एक भाजपा युवा नेता पर हुए जानलेवा हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई है।मायावती ने दावा किया कि बसपा सरकार के दौरान “सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय” की नीति के तहत सभी वर्गों को न्याय और सुरक्षा देने का प्रयास किया गया था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सहारनपुर जिले के लालवाला गांव में भूमि पर फोटो/तस्वीर रखने को लेकर हुए विवाद और उसके बाद हुई झड़प पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में दलित वर्ग के कई लोगों के घायल होने से क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।बसपा प्रमुख ने पुलिस और प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों से शांति एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।मायावती ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान ताकत या टकराव से नहीं बल्कि कानूनी तरीके और संवाद के माध्यम से होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने पर जोर दिया।