
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। जिला कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम की टीम ने कई वकीलों के चैंबरों और दुकानों की दीवारों पर लाल क्रॉस का निशान लगाते हुए नोटिस चस्पा किए हैं। नोटिस में 16 मई तक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय समय तक निर्माण नहीं हटाए जाने पर 17 मई को प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और उसका खर्च संबंधित लोगों से वसूला जाएगा।नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद वकीलों और स्थानीय दुकानदारों में नाराजगी देखी जा रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि रात के समय चुपचाप उनके चैंबरों पर निशान लगा दिए गए। उनका आरोप है कि कोर्ट परिसर के बाहर ही नहीं, बल्कि अंदर बने चैंबरों को भी चिह्नित किया गया है।पुराने हाईकोर्ट गेट के बाहर चाय की दुकान चलाने वाले दीपक ने बताया कि उनका परिवार पिछले 50-55 वर्षों से वहां दुकान चला रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह दुकान पहुंचने पर नोटिस लगा मिला। दीपक का कहना है कि जाम की समस्या पहले भी थी और अब भी है, ऐसे में केवल दुकानें हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।नगर निगम द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट क्षेत्र में कुल 72 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें अधिकांश वकीलों के चैंबर हैं, जबकि कुछ चाय, फोटोस्टेट और अन्य छोटी दुकानें भी शामिल हैं। अदालत ने पहले भी नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल न मिलने के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी।मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में पुलिस अधिकारियों के पत्र भी पेश किए गए। इनमें बताया गया कि पूर्व निर्धारित तारीख पर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध न होने के कारण कार्रवाई टालनी पड़ी थी। अब नगर निगम ने नए सिरे से नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज कर दी है।