
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने UPI डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने की संभावित व्यवस्था, महंगाई और स्मार्ट स्कूलों के निर्माण को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दी।मायावती ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब शुल्क वसूली की चर्चा से जनता में चिंता और नाराजगी स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था का आर्थिक बोझ अंततः आम लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए।मायावती ने गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जनकल्याण को प्राथमिकता देने की अपील की। वहीं, करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 14,500 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि आधुनिक पढ़ाई से पहले स्कूलों में छत, फर्नीचर, किताबें, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।