
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी।
जैन धर्मावलंबियों के दस लक्षण महापर्व के तहत पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस ‘उत्तम क्षमा’ के रूप में भेलूपुर स्थित दिगंबर जैन मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को क्रोध त्यागकर क्षमा और करुणा का भाव अपनाने का संदेश दिया गया। बताया गया कि क्रोध ऐसी अग्नि है, जो दूसरों को नुकसान पहुंचाने से पहले स्वयं व्यक्ति के मन और आत्मा को प्रभावित करती है, जबकि क्षमा मन के विकारों को दूर कर शांति प्रदान करती है।कार्यक्रम में श्रद्धालुओं से अतीत की कड़वाहट, बैर-भाव और वैर-विरोध को त्यागकर अपनी भूलों के लिए हृदय से ‘मिच्छामी दुक्कड़म’ कहने का आह्वान किया गया। साथ ही हर जीव के प्रति करुणा रखते हुए समता भाव विकसित करने और सभी को खुले मन से क्षमा करने का संदेश दिया गया।दस लक्षण महापर्व के प्रथम दिवस पर रिषभ चंद्र जैन, संजय जैन, राकेश जैन, राहुल जैन, पवन जैन, सौरभ जैन और किशोर कुमार जैन समेत बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।