
पारदर्शी विकास न्यूज़, कानपुर। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। पूर्व सांसद अंजू बाला ने बिल्हौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। हालांकि, वह किस पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगी, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। अंजू बाला का कहना है कि अगले 10 दिनों में वह अपनी पार्टी के नाम का खुलासा करेंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।अंजू बाला ने साफ कहा कि 2019 में टिकट कटने के बाद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन अब वह यह गलती दोबारा नहीं दोहराएंगी। 26 अक्टूबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उन्होंने एक मीडिया बातचीत में चुनाव लड़ने की घोषणा की। पिछले कुछ दिनों से वह बिल्हौर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रही हैं। उनकी इस सक्रियता को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिल्हौर से चुनाव लड़ने का फैसला, लेकिन पार्टी पर पर्दा
अंजू बाला का कहना है कि बिल्हौर की जनता से उन्हें पहले भी प्यार और समर्थन मिला है, इसी वजह से उन्होंने इस सीट से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। हालांकि, पार्टी का नाम फिलहाल उजागर नहीं किया गया है। अब सबकी निगाहें उनके अगले 10 दिनों के ऐलान पर टिकी हैं। सवाल यह है कि वह किस राजनीतिक दल के साथ अपनी नई चुनावी पारी शुरू करेंगी।अंजू बाला ने वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर मिश्रिख लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज कर सांसद बनी थीं। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद वर्ष 2022 में उनके पति के बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के दौरान अंजू बाला पर प्रचार करने के आरोप लगे थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था।अंजू बाला ने वर्ष 2010 में हरदोई जिले के मल्लावां से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी और ब्लॉक प्रमुख बनी थीं। वर्ष 2013 में वह भाजपा में शामिल हुईं और 2014 में मिश्रिख लोकसभा सीट से जीतकर संसद पहुंचीं। वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को लेकर भी उनकी चर्चा रही है।अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अंजू बाला ने बिल्हौर सीट से अपनी दावेदारी स्पष्ट कर दी है। लेकिन पार्टी का नाम सामने आने तक उनकी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा अभी पर्दे के पीछे ही है। अगले 10 दिनों में होने वाला उनका ऐलान यह स्पष्ट करेगा कि वह किस राजनीतिक दल के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं।