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टीईटी अनिवार्यता से छूट और पुरानी पेंशन की मांग तेज

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पारदर्शी  विकास न्यूज़ लखनऊ। 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से मुक्त करने और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर तमिलनाडु की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी टीईटी से छूट का प्रस्ताव पारित कराने की मांग की है।संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी, महामंत्री अरुणेंद्र कुमार वर्मा और कोषाध्यक्ष मजहर मुहम्मद खान ने शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए राज्य सरकार भी इस संबंध में प्रभावी कदम उठा सकती है। संघ ने केंद्र सरकार से आरटीई एक्ट-2009 की धारा 23 की स्पष्ट व्याख्या किए जाने की मांग भी की।शिक्षक नेताओं ने बताया कि तमिलनाडु विधानसभा ने 25 अगस्त 2026 को टीईटी की अनिवार्यता से पूर्ण एवं स्थायी छूट के संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है। इसी तर्ज पर यूपी में भी प्रस्ताव लाने की मांग की गई है।प्रांतीय मंत्री अब्दुल रशीद और जिला महामंत्री रमाकांत मौर्य ने बताया कि 25 सितंबर को लखनऊ में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर महारैली आयोजित होगी। विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में शिक्षक और कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।शिक्षक नेताओं के मुताबिक अधिकांश सेवारत शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं, जबकि कुछ अभ्यर्थियों के परिणाम रिजेक्ट बताए गए हैं। उन्होंने सरकार से समस्या के समाधान की मांग की है।