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शुक्लागंज में गैस कनेक्शन निरीक्षण के नाम पर वसूली के आरोप

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पारदर्शी विकास न्यूज़ | शुक्लागंज, उन्नाव।
उन्नाव के शुक्लागंज स्थित शिवशक्ति भारत गैस एजेंसी में गैस कनेक्शनों के पंचवर्षीय अनिवार्य निरीक्षण के नाम पर उपभोक्ताओं से रुपये वसूलने और बिना मौके पर तकनीकी जांच किए प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप सामने आए हैं। मामले में करीब 18 हजार कनेक्शन धारकों से प्रति उपभोक्ता 236 रुपये लेने की बात कही जा रही है। इस हिसाब से कुल वसूली का अनुमान 42 लाख रुपये से अधिक है। आरोपों के सामने आने के बाद उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, एजेंसी पर आरोप है कि उपभोक्ताओं के घर जाकर गैस पाइपलाइन, रेगुलेटर और अन्य संबंधित उपकरणों की वास्तविक जांच किए बिना ही “पंचवार्षिक अनिवार्य निरीक्षण प्रारूप” प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें 236 रुपये की राशि को बीमा या इंश्योरेंस बताकर भुगतान कराया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि वास्तव में तकनीकी निरीक्षण नहीं किया गया, तो उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभा रहा है।इस मामले में सामने आए एक वीडियो के संबंध में दावा किया गया है कि उसमें एजेंसी संचालक निरीक्षण के बजाय लक्ष्य पूरा करने की बात कहता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि बिना आवश्यक निरीक्षण के प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं और निर्धारित प्रक्रिया के विरुद्ध धनराशि वसूली गई है, तो यह उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।नियमों के अनुसार, गैस कनेक्शन की सुरक्षा जांच का उद्देश्य पाइपलाइन, रेगुलेटर और अन्य उपकरणों की स्थिति का आकलन कर संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है। इसलिए निरीक्षण के नाम पर शुल्क लेने की प्रक्रिया, जांच किए जाने के प्रमाण और उपभोक्ताओं को दी गई जानकारी की पड़ताल जरूरी है। उपभोक्ताओं को भी यह स्पष्ट बताया जाना चाहिए कि उनसे ली जा रही राशि किस सेवा के लिए है और उसका वास्तविक बीमा से कोई संबंध है या नहीं।मामले में जिला पूर्ति अधिकारी राजबहादुर ने संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित करने और कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्रमाणपत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी किए गए या नहीं, उपभोक्ताओं से वसूली गई राशि का आधार क्या था और कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।फिलहाल, इस पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। वहीं, उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह भी जरूरी है कि गैस कनेक्शनों का आवश्यक तकनीकी निरीक्षण वास्तविक रूप से किया जाए और शुल्क के संबंध में पारदर्शिता रखी जाए।