
तीन हजार किलोमीटर लम्बाई में बरसात में खराब हुई हैं सड़कें
संजीव भारती/ललित कुमार
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। जिले में सड़कों की बदहाल दशा में सुधार और नयी सड़कों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को शासन की ओर से कोई बजट नहीं मिला है। बारिश के दौरान सर्वे में सामने आई गड्ढा युक्त सड़कों की मरम्मत के लिए भी कोई बजट नहीं जारी हुआ है।जिले में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड और निर्माण खंड की ओर से बारिश में खराब हुई सड़कों के बारे में सर्वेक्षण कराकर गड्ढा मुक्ति के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बरसात के दौरान खराब हुई बड़ी, छोटी और ग्रामीण सड़कों की कुल संख्या लगभग 1900के आसपास है। इनकी लम्बाई लगभग तीन हजार किलोमीटर हैअधिशासी अभियंता इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि पिछले तीन साल से सड़कों की मरम्मत, विशेष मरम्मत,गड्ढा मुक्ति और नव निर्माण के लिए शासन से पर्याप्त बजट नहीं मिल रहा है। सर्वे कराया गया है।जो सड़कें खराब हुई हैं,उनको गड्ढा मुक्ति के प्रस्ताव में शामिल करते हुए शासन से धन की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा समिति की ओर से किए जा रहे कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष के सापेक्ष इस वर्ष । दुर्घटनाओं और मृतकों की संख्या में लगभग 18 फीसदी कमी आई है। जुलाई 2025 के सापेक्ष जुलाई 2026 मे सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 43 फीसदी कमी आई है।सितंबर महीने की सड़क सुरक्षा ना समिति की बैठक 24 सितम्बर को प्रस्तावित है।जे एफ डी के अन्तर्गत 28 मागों पर सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए 7.6190 करोड रु का इस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। पिछले दो महीने के अन्तर्गत सगरा तिराहा, वारामासी चौराहा, पुल, काजी पट्टी, बाबू गंज बाजार, मोहनगंज और शंकर गंज में स्पीड लिमिट बोर्ड, दुर्घटना बाहुल्य बोर्ड, सांकेतिक बोर्ड, रिपीडेड बार, जेब्रा क्रॉसिंग आदि कार्य कराए जा चुके हैं। कुछ काम अवशेष रह गए हैं।कमरौली रेलवे क्रासिंग पर चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुकाहै। गौरीगंज में बस स्टेशन के निर्माण के लिए जमीन मिल चुकी है, आगे का काम प्रक्रियाधीन है।