
तीन साल से आवास मिलने का इंतजार कर रहे गरीब लाभार्थी
संजीव भारती
लखनऊ/अमेठी। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत जनपदवार आवासों की स्वीकृति मिलने के तीन सप्ताह बाद भी जनपद वार लक्ष्य का आवंटन नहीं हो पाया है। लाभार्थियों की संख्या वेबसाइट पर नहीं दिख रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों की संख्या की समावेशी स्वीकृति 2सितम्बर की ओर से जारी की गई थी। प्रदेश के 75जिलों के लिए 556634आवासों की स्वीकृति उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से जारी की गई थी। यह स्वीकृति जारी होने के बाद तीन सप्ताह का समय बीत चुका है, अभी तक किसी भी जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों का आवंटन नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों की संख्या वेबसाइट पर शो नहीं हो रही है। पूरे प्रदेश के ग्रामीण निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए 6.18 लाख लक्ष्य का 90% (5,56,634) लक्ष्य का आवंटन ग्राम पंचायतवार कर दिया गया है। जिलेवार आवंटन में सीतापुर को 47,160, सोनभद्र को 35,412, बहराइच को 27,229, खीरी को 24,139, प्रतापगढ़ को 23,092, बांदा को 21,673, प्रयागराज को 17,004, मिर्जापुर को 16,109, सुल्तानपुर को 16,032, जौनपुर को 15,253, बाराबंकी को 15,124, हरदोई को 14,871, अमेठी को 14,414, रायबरेली को 13,464, फतेहपुर को 13,207, गोंडा को 12,348 और शाहजहांपुर को 11,308, आजमगढ़ को 10,824 आवास सहित 75 जनपदों को 5 लाख 56 हजार 634 आवासों को स्वीकृति प्रदान की गयी।
अमेठी के लिए 14414प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, परंतु लाभार्थियों की संख्या शो नहीं कर रही है। शासन से कोई भी स्पष्ट गाइड लाइन नहीं जारी हुई है।
ऐश्वर्य यादव,परियोजना निदेशक, अमेठी
झूठी बयानबाजी और घोषणाएं कर रहे सरकार के मंत्री -जितेन्द्र मिश्र
बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता जितेन्द्र मिश्र ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को घोषणा मंत्री की संज्ञा दी और कहा कि झूठी घोषणाएं करने में वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी आगे हैं। योजनाओं को लेकर जो बात मुख्यमंत्री जी की ओर से की जानी चाहिए , एक कदम आगे बढ़कर रोज बयानबाजी करते रहते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव के पहले से ही गरीबों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। हजारों लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को दर्खास्तें दी थीं, सभी दर्खास्तें रद्दी की टोकरी में डाल दी गई हैं।यह फोटो वाली सरकार है, धरातल पर कोई काम नहीं नजर आ रहा।