
मासिक गतिविधि कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा
बच्चों और परिवारों के लिए शुरू होगा मासिक कार्यक्रम
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस 2026 के अवसर पर शनिवार को दीपिका फिजियोथैरेपी एंड चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर के सहयोग से कुसुम जन कल्याण समिति की ओर से जागरूकता एवं जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों को जागरूक करना, बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के प्रति समाज को प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम की थीम “सेरेब्रल पाल्सी एक स्थिति है, सीमा नहीं” रखी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रम प्रवर्तन अधिकारी आदर्श कुमार (पीसीएस) औरविशिष्ट अतिथियों में कुबेर तिवारी, महेंद्र प्रताप, कृष्णा राय और डॉ. रूपा भल्ला शामिल रहे। कुसुम जन कल्याण समिति के संस्थापक निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय, अध्यक्ष मीरा पांडेय, उपाध्यक्ष डॉ. पूजा श्रीवास्तव और सचिव सूर्य प्रकाश पांडेय ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दीपिका फिजियोथैरेपी एंड चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर में सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिए मासिक गतिविधि कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा रही। इसके तहत जागरूकता सत्र, परिवार परामर्श एवं सहयोग बैठक, प्रतिभा विकास गतिविधियां, सुगम्यता जागरूकता तथा अभिभावकों और देखभालकर्ताओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन पहलों के माध्यम से बच्चों की क्षमताओं को विकसित करने और परिवारों को बेहतर देखभाल के लिए मार्गदर्शन देने का प्रयास किया जाएगा। बच्चों के लिए खेलकूद, मनोरंजक गतिविधियों और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित भी किया गया। आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशेष क्षमताएं होती हैं, जिन्हें उचित अवसर और सहयोग से विकसित किया जा सकता है। केंद्र की वोकेशनल यूनिट में भी बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में भाग लिया। इसका उद्देश्य उनमें व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम आयोजन टीम में डॉ. रविश तिवारी, आशीष शुक्ला और पीयूष मिश्रा ने सहयोग किया। आयोजकों ने कहा कि सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को दया नहीं, बल्कि सम्मान, स्वीकार्यता, उचित सहयोग और समान अवसरों की आवश्यकता है। परिवार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्रम प्रवर्तन अधिकारी आदर्श कुमार (पीसीएस) और कुसुम जन कल्याण समिति के संस्थापक निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय से पारदर्शी विकास न्यूज़ ने विशेष बातचीत की। बातचीत में सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास, परिवारों को सहयोग देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों पर चर्चा हुई।

निःशुल्क सहायक उपकरण देकर किया प्रोत्साहित
कार्यक्रम के दौरान कुबेर तिवारी और डॉ. रूपा भल्ला ने सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को निःशुल्क एफओ और गेटर सहायक उपकरण प्रदान किए। इन उपकरणों का उद्देश्य बच्चों की शारीरिक क्षमता के अनुरूप चलने-फिरने, उठने-बैठने और दैनिक गतिविधियों में सहयोग करना है। आयोजकों ने इस पहल के लिए सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
खेलकूद और रंगोली से दिखाई प्रतिभा
बच्चों के लिए खेलकूद, मनोरंजक गतिविधियों और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्हें उपहार देकर प्रोत्साहित भी किया गया। आयोजकों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशेष क्षमताएं होती हैं, जिन्हें उचित अवसर और सहयोग से विकसित किया जा सकता है। केंद्र की वोकेशनल यूनिट में भी बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक एवं व्यावसायिक गतिविधियों में भाग लिया। इसका उद्देश्य उनमें व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम आयोजन टीम में डॉ. रविश तिवारी, आशीष शुक्ला और पीयूष मिश्रा ने सहयोग किया। आयोजकों ने कहा कि सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को दया नहीं, बल्कि सम्मान, स्वीकार्यता, उचित सहयोग और समान अवसरों की आवश्यकता है। परिवार, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जागरूकता, सहयोग और संवेदनशीलता जरूरी है। ऐसे बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। नियमित थेरेपी, सहायक उपकरण और परिवार का सहयोग उनके जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज को दिव्यांग बच्चों के प्रति सकारात्मक सोच अपनाकर उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना चाहिए।
— आदर्श कुमार, मुख्य अतिथि
सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों में भी अपनी विशेष प्रतिभा और क्षमताएं होती हैं। जरूरत है उन्हें उचित मार्गदर्शन, सम्मान और अवसर देने की। कुसुम जन कल्याण समिति का प्रयास है कि बच्चों और उनके परिवारों को जागरूकता, परामर्श, प्रशिक्षण तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सहयोग मिले। मासिक गतिविधि कार्यक्रम से बच्चों की प्रतिभा निखारने, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
— डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय, संस्थापक निदेशक