
कानपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कानपुर जिला कारागार में भावनाओं से भरा माहौल देखने को मिला। जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें पहुंचने लगीं। हाथों में राखी और मिठाई लिए बहनों ने लंबी कतारों में खड़े होकर अपने भाइयों से मिलने का इंतजार किया। भाई-बहन के मिलन के दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं।सुबह 7:30 बजे से जेल में मुलाकात का दौर शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चला। जेल प्रशासन के अनुसार, दिनभर में कुल 1407 बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। वहीं, 5 भाई जेल में बंद अपनी बहनों से राखी बंधवाने के लिए पहुंचे।सुबह 6 बजे से ही जिला कारागार के बाहर बहनों की भीड़ जुटने लगी थी। सुरक्षा के मद्देनजर कड़ी जांच के बाद बहनों को जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। जेल प्रशासन ने इस विशेष अवसर पर बहनों की सुविधा के लिए खुले मैदान में राखी बांधने की व्यवस्था की। उमस भरी गर्मी को देखते हुए परिसर में विशाल पंडाल, पंखों और ठंडे पानी की व्यवस्था भी की गई।जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि राखी या मिठाई लाना भूल जाने वाली बहनों के लिए जेल प्रशासन की ओर से निशुल्क रक्षासूत्र और मिठाई की व्यवस्था की गई थी। बहनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए कर्मचारियों को विशेष निर्देश दिए गए थे।जेल से बाहर निकलने वाली कई बहनें भावुक नजर आईं। बहन आरती तिवारी और चाहत ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि जेल में बंद उनके भाई जल्द से जल्द रिहा होकर अगला रक्षाबंधन अपने परिवार के साथ घर पर मनाएं। बहनों ने अपने भाइयों से अपराध से दूर रहकर बेहतर जीवन जीने का वचन भी लियारक्षाबंधन के मौके पर कानपुर जिला कारागार में भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और भावनात्मक रिश्ते की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली।