
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। रजनीखंड सेक्टर-8 में सेंट्रल अकादमी के पीछे पार्षद कोटे से बनी सड़क के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि सड़क की लेयरिंग बेहद पतली है और कई जगह हल्का दबाव डालने पर ही गिट्टियां उखड़ जा रही हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मार्च में बनी इस सड़क पर कुछ ही समय बाद पैचवर्क कर दिया गया, लेकिन गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही उन्होंने विरोध जताया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। नगर निगम के चीफ इंजीनियर महेश वर्मा ने कहा कि मामले की जांच के लिए जेई को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उनके मुताबिक, शुरुआती जानकारी में एक स्थान पर सड़क टूटने की बात सामने आई है और विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं पार्षद हिमांशु अंबेडकर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क प्री-मिक्स तकनीक से बनी है और यदि आरसीसी सड़क बनती तो लागत अधिक होती। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर पैचवर्क कराया गया है और आगे नाली व सीवर कार्य भी प्रस्तावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं और हल्के वाहन चलने पर भी सड़क टूट रही है। लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।