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पौधरोपण के दो महीने बाद भी 4% जियोटैगिंग अधूरी

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पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। वर्षाकाल 2026 के पौधरोपण महाअभियान के करीब दो महीने बाद भी जिले में चार फीसदी पौधों की जियोटैगिंग का काम अधूरा है। हरीतिमा एप पर फोटो अपलोड नहीं होने से कई विभाग लक्ष्य पूरा नहीं कर पाए हैं। गुरुवार देर शाम जिला पौधरोपण समिति की बैठक में डीएम शशांक चौधरी ने शत-प्रतिशत जियोटैगिंग जल्द पूरी करने और पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि पौधरोपण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर विकसित करना भी है। सूख चुके या नष्ट हुए पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने और नियमित निगरानी करने पर जोर दिया गया। बैठक में नदियों के संरक्षण, जल गुणवत्ता की जांच, घाटों की सफाई और जल स्रोतों में कचरा डालने पर रोक लगाने की भी समीक्षा हुई। औद्योगिक अपशिष्ट का निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण करने तथा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन सुधारने के निर्देश दिए गए।बैठक में सीडीओ पूजा साहू, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह और प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जुलाई में शुरू हुआ था पौधरोपण
जिले में जुलाई के पहले सप्ताह में वन महोत्सव के तहत पौधरोपण शुरू हुआ था। 12 जुलाई को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। माध्यमिक शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य, आवास विकास और औद्योगिक विकास विभाग में जियोटैगिंग का काम अभी पूरा नहीं हुआ है