
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर।उत्तर प्रदेश सरकार की ब्याज माफी योजना-2026 के तहत पात्र व्यापारियों को पुराने कर बकायों पर ब्याज और अर्थदण्ड में छूट पाने का अवसर मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए व्यापारियों को 16 जनवरी 2027 तक आवेदन करना होगा। इसके लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार मूल बकाया धनराशि जमा करना अनिवार्य होगा।योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से राज्य कर विभाग की ओर से 28 अक्टूबर को व्यापार मंडल तथा 29 अक्टूबर को टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त (प्रशासन) राज्य कर, कुशीनगर विकास विक्रम सिंह ने योजना के प्रावधानों, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और बकाया धनराशि जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम-1979, मनोरंजन कर अधिनियम-1995, केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमावली-1997 तथा मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक के बकाया कर प्रकरणों में निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज एवं अर्थदण्ड में छूट का प्रावधान है। मूल बकाया धनराशि पूर्ण रूप से जमा करने पर निर्धारित अनुपात के अनुसार छूट दी जाएगी। योजना की निर्धारित अवधि 16 अक्टूबर 2026 से 16 जनवरी 2027 तक है।उपायुक्त ने व्यापार मंडल और टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र व्यापारियों को व्यक्तिगत रूप से जानकारी देकर समय सीमा के भीतर आवेदन करने और बकाया धनराशि जमा करने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे पुराने कर प्रकरणों के निस्तारण के साथ व्यापारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और राजस्व संबंधी विवादों के समाधान में भी मदद मिलेगी।बैठक के दौरान टैक्स बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय आ रही समस्याओं और विसंगतियों के संबंध में उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने समस्याओं का निराकरण कराने और आवश्यक सुधार करने का अनुरोध किया।राज्य कर विभाग ने व्यापारियों से अपील की कि वे योजना की पात्रता एवं शर्तों की जानकारी लेकर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें। योजना की विस्तृत जानकारी और ऑनलाइन आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल http://comtax.up.nic.in का उपयोग किया जा सकता है।बैठक में राज्य कर विभाग की ओर से सहायक आयुक्त बीरेन्द्र कुमार सरोज, भीम एवं रामनरेश सिंह तथा राज्य कर अधिकारी रामभवन, भुवन चन्द्र पाण्डेय और राहुल कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे। व्यापार मंडल की ओर से भारतीय एकीकरण उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष लालबाबू गुप्ता, महामंत्री सौरव वर्मा तथा उद्योग व्यापार मंडल, कुशीनगर के जिलाध्यक्ष जगदम्बा अग्रवाल शामिल हुए।वहीं, टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से संरक्षक गोविन्द शरण सिंह, अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, महामंत्री नवीन सिंहानिया, कोषाध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता सहित अखिलेश प्रताप सिंह, राजेश शर्मा, रंजीत कुमार गुप्ता, शमशाद खान एवं अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।