
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। एडीजी कानून व्यवस्था, लेबर कमिश्नर और अन्य अफसरों के नाम से पंजीकृत रहे कई सरकारी वाहनों के नीलाम होने के बाद भी उनका नंबर नहीं बदला गया। इन वाहनों पर अब भी ‘जी’ सीरीज नंबर लगे होने से टोल टैक्स में भी छूट का फायदा लिया जा रहा है।शासन ने ऐसे 145 वाहनों की सूची एआरटीओ को भेजी है। जांच के बाद 19 वाहन मालिकों ने अपने नंबर बदलवा लिए हैं, जबकि 126 वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। इनके बीमा, पीयूसी और ट्रांसफर पर रोक लगा दी गई है।जानकारी के अनुसार कुछ वाहन अब भी सरकारी नंबरों पर ही चल रहे हैं, जबकि वे वर्षों पहले नीलाम हो चुके हैं। इससे नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है।एआरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी ‘जी’ सीरीज नंबर का उपयोग केवल राजकीय वाहनों तक सीमित है। नीलामी के बाद नए मालिकों को निजी नंबर लेना अनिवार्य है। नियम न मानने पर वाहनों को सीज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।