
145.82 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहा विश्वविद्यालय परिसर, एएसआई की एनओसी और मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया पर मंथन
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर।
जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में शनिवार को कसाडा सभागार में ईपीसी मोड के अंतर्गत निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुशीनगर के निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय परिसर के विकास, निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित प्रकरणों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय परिसर की अवस्थिति एवं ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और मानचित्र स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इस दौरान सांस्कृतिक विभाग से कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।विश्वविद्यालय के लिए उपलब्ध 145.82 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित शैक्षणिक भवनों, आवासीय परिसर, सड़कों, बाउंड्रीवाल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आपसी समन्वय स्थापित किया जाए और लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जनपद कुशीनगर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना है। विश्वविद्यालय के पूर्ण होने से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे तथा किसानों को भी कृषि संबंधी अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों का लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, निर्माण में आ रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने तथा आवश्यक मामलों में शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराते हुए विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को गति प्रदान की जाए, ताकि परियोजना को निर्धारित समयावधि में आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में सचिव कसाडा एवं उप जिलाधिकारी कसया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।