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महापुरुषों की विरासत संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी: डीएम

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पारदर्शी विकाश न्यूज़ कानपुर। महाकवि भूषण की जन्मस्थली टिकवांपुर को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की साझा सांस्कृतिक विरासत के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। बुधवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने समाजसेवी रवींद्र मिश्र ‘विपिन’ द्वारा समर्पित भवन में पुस्तकालय और आंगनबाड़ी केंद्र का शुभारंभ किया।इस अवसर पर डीएम ने महाकवि भूषण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके पैतृक आवास का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि भूषण केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़े हुए हैं, इसलिए उनकी विरासत का संरक्षण समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है।नवनिर्मित पुस्तकालय में महाकवि भूषण से संबंधित साहित्य, ‘शिवा बावनी’ सहित उनके दुर्लभ ग्रंथ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें भी रखी जाएंगी, जिससे ग्रामीण युवाओं को अध्ययन में सहायता मिलेगी। आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा दी जाएगी, जबकि भविष्य में महिलाओं के लिए चिकित्सा केंद्र शुरू करने की योजना भी प्रस्तावित है।जिलाधिकारी ने समाजसेवी रवींद्र मिश्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका भवन समाज के लिए समर्पित करना एक प्रेरणादायक उदाहरण है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई और उसे तत्काल कब्जा मुक्त कर जीर्णोद्धार कराने के निर्देश दिए।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।