
पारदर्शी विकास न्यूज़ वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि आजीविका, रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं। वे हिमाचल प्रदेश के सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी में ‘आजीविका परामर्श, रोजगार तथा महिला सशक्तीकरण’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। प्रो. शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, व्यावहारिक दक्षता, रचनात्मक क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। शिक्षा को कौशल एवं रोजगार से जोड़कर युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर मिलना आवश्यक है। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करती है।संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने युवाओं को डिजिटल कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने तथा महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया।