
निरीक्षण में अधूरे मिले ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के काम
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/गोरखपुर। मुख्य अभियंता इंजीनियर वी पी सिंह ने सोमवार को जल निगम गोरखपुर की ओर से कराए जा रहे कार्यों की हकीकत की पड़ताल के लिए चार परियोजनाओं का निरीक्षण किया। चारों परियोजनाओं की पूर्णता की तारीख 30मई 2026, है।4से 50फीसदी पेनाल्टी के बाद भी फर्में 10से 15फीसदी काम पूरा नहीं करा पाईं हैं। मुख्य अभियंता ने अवशेष काम को तेजी से आगे बढ़ाते हुए अधीनस्थ अधिशासी अभियंताओं और निर्माण कम्पनियों को निर्धारित डेट लाइन तक काम पूरा कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।मुख्य अभियंता ने सभी फर्मों पर पेनाल्टी ठोंकते हुए नोटिसें जारी की है। सोमवार को मुख्य अभियंता अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं के साथ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।सिक्टौर ग्रामीण पेयजल योजना की लागत 2.66करोड है ।इस परियोजना का काम मेसर्स आर आर ट्रेडर्स मोहद्दीपुर,गौरखपुर नाम की फर्म करा रही हैं। लगभग 90फीसदी काम पूरा हुआ है। ओवर हेड टैंक और पम्प हाउस का काम अपूर्ण है। राइजिंग मेन का काम प्रगति पर है। स्थिति असंतोषजनक मिलने पर मुख्य अभियंता ने 44फीसदी पेनाल्टी के साथ फर्म और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की है।जंगल टिकरी ग्रामीण पेयजल योजना की लागत 4.85करोड रु है।इस परियोजना का काम मेसर्स संजय कुमार सिंह सूबा बाजार, गोरखपुर फर्म करा रही हैं। निरीक्षण के दौरान ओवर हेड टैंक अपूर्ण और नलकूप अक्रियाशील मिला। लगभग 87फीसदी काम हुआ है ।इस फर्म के विरुद्ध पांच फीसदी पेनाल्टी के साथ कार्रवाई की गई है।बनौरा ग्रामीण पेयजल योजना की निर्माण लागत 1.67करोड रु है। मेसर्स बी एस इंटर प्राईजेज इस परियोजना का काम कर रही है।इस परियोजना में ओवर हेड टैंक, नलकूप, पम्प हाउस, वितरण प्रणाली कोई भी काम पूरा नहीं हुआ है।240हाउस कनेक्शन में से 80हाउस कनेक्शन अपूर्ण हैं।मुख्य अभियंता ने इस फर्म के विरुद्ध 5 फीसदी पेनाल्टी के साथ कार्रवाई की है। सहुआ कोल ग्रामीण पेयजल योजना की निर्माण लागत 3.97करोड रु है।इस परियोजना का भी लगभग दस फीसदी काम अवशेष हैं। मेसर्स प्रयाग इंजीनियरिंग एसोसिएट्स , प्रयागराज फर्म को कड़ी फटकार लगाते हुए मुख्य अभियंता ने 4 से 5 फीसदी पेनाल्टी के साथ कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ने सभी फर्मो को एक सप्ताह के भीतर अवशेष काम अनिवार्य रूप से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता अखिल आनंद, सहायक अभियंता मोनू सिंह, अंकित सिंह, रत्नेश कुमार,अवर अभियंता दीपक कुमार, मिथिलेश कुमार मौजूद थे। मुख्य अभियंता ने सभी अभियंताओं को स्वयं कार्यस्थलों पर मौजूद रहकर 30मई के भीतर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।