
पारदर्शी विकास न्यूज़ उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र के सेरसा गांव निवासी 52 वर्षीय कृष्णपाल सिंह की शनिवार को मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें बेसुध हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक पर गलत इंजेक्शन लगाने और गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।जानकारी के मुताबिक नवाबगंज के सेरसा गांव निवासी कृष्णपाल सिंह पुत्र राजपाल सिंह को पिछले करीब चार दिनों से बुखार आ रहा था। परिजनों के अनुसार वह पुरवा कोतवाली क्षेत्र के मर्दनखेड़ा गांव स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेकर इलाज करा रहे थे।शनिवार को भी कृष्णपाल दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर पहुंचे थे। मृतक के भाई संतोष सिंह के मुताबिक, मेडिकल स्टोर पर कृष्णपाल को इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन काफी देर तक उन्हें मेडिकल स्टोर पर ही संभालते रहे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।इसके बाद परिजन कृष्णपाल को बेसुध अवस्था में सीएचसी नवाबगंज लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक ने गलत इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद कृष्णपाल की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।हालांकि इंजेक्शन और मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध अभी जांच का विषय है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।