
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। गुरुवार को लखनऊ-कानपुर लेन पर किलोमीटर संख्या 48 में तौरा गांव के पास करीब 30 मीटर फुटपाथ धंस गया। जानकारी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी ने तत्काल मरम्मत का काम शुरू कर दिया।इससे पहले एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की घटना सामने आ चुकी है। इसकी तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी की टीम ने की है। जांच रिपोर्ट एनएचएआई मुख्यालय को सौंपे जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट में सड़क धंसने के कारण और निर्माण में सुधार से जुड़े सुझाव शामिल होने की उम्मीद है।एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से में भी दो स्थानों पर खामियां मिली हैं। किलोमीटर संख्या 14 पर डिवाइडर में मामूली दरार मिली, जिसे निर्माण एजेंसी द्वारा दुरुस्त कराया जा रहा है। वहीं जलभराव की समस्या से निपटने के लिए डिवाइडर में छेद कर पानी की निकासी का प्रयास किया जा रहा है।
बताया गया कि एक्सप्रेसवे से रोजाना करीब 15 हजार वाहन गुजर रहे हैं। सरोजनीनगर में मरम्मत के बाद कानपुर से लखनऊ आने वाली बंद लेन को 27 या 28 सितंबर तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।