
पारदर्शी विकास ब्यूरो, कुशीनगर। बाल एवं किशोर श्रम पर अंकुश लगाने के लिए श्रम विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को कप्तानगंज एवं रामकोला क्षेत्र में सघन अभियान चलाया। टीम ने होटल, वस्त्रालय, ढाबा तथा मोबाइल व ऑटो वर्कशॉप समेत कुल 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 15 किशोर श्रमिकों को चिह्नित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि अभियान के दौरान जिन प्रतिष्ठानों पर किशोर श्रमिक मिले, उनके संबंधित सेवायोजकों एवं प्रतिष्ठान स्वामियों के विरुद्ध बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986, यथा संशोधित 2016 की सुसंगत धाराओं के तहत निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठान स्वामियों और सेवायोजकों को बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए चेतावनी भी दी। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक बचपन जीने का अधिकार है। बच्चों को काम पर लगाने के बजाय विद्यालय भेजकर उनका भविष्य संवारने में सहयोग किया जाना चाहिए।