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कचरे से बनेगी गैस और जैविक खाद

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पारदर्शी विकास न्यूज़, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के सरस्वती गर्ल्स हॉस्टल में मंगलवार को बायोगैस प्लांट शुरू किया गया। अब हॉस्टल की मेस और रसोई से निकलने वाले बचे हुए खाने से गैस तैयार होगी। प्लांट में प्रतिदिन 25 से 50 किलो जैविक कचरे का इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे रोज करीब 5 से 10 घनमीटर कच्ची बायोगैस बनेगी। तैयार गैस का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाएगा। वहीं, गैस बनने के बाद बचने वाले अर्धतरल पदार्थ से जैविक खाद तैयार होगी, जिसका इस्तेमाल पौधों और खेती में किया जा सकेगा। इससे रसोई का कचरा उपयोगी संसाधन में बदलेगा और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता भी कम होगी।कुलपति प्रो. विनय पाठक ने प्लांट का निरीक्षण कर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कचरे को समस्या मानने के बजाय उसका उपयोग करने की जरूरत है। रसोई के कचरे से गैस बनाना पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की जरूरत पूरी करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रो. वर्षा गुप्ता, डॉ. अजय पांडेय, प्रो. बीपी सिंह और डॉ. श्रवण कटियार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।