
90 दिन बंद कर होगी मरम्मत
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाला 50 साल से अधिक पुराना जाजमऊ गंगापुल इन दिनों बदहाल स्थिति में है। पुल पर 100 से अधिक गड्ढे हैं और कई जगह सड़क टूटने से सरिया बाहर निकल आई है। रोजाना करीब 40 हजार वाहन इस पुल से गुजरते हैं। गड्ढों से बचने के दौरान वाहन चालकों को अचानक लेन बदलनी पड़ती है, जिससे जाम और हादसे का खतरा बना रहता है। पुल की सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कहीं आधा फीट तो कहीं एक फीट तक सरिया बाहर निकली है, जिससे वाहनों के टायर फटने और निचले हिस्से के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। कानपुर की तरफ पुल समाप्त होते ही करीब 6 से 7 मीटर लंबा गड्ढा भी है, जिसमें बारिश के दौरान पानी भर जाता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह बेहद जोखिम भरा है।राहगीरों के मुताबिक भारी वाहन गुजरने पर पुल पर कंपन महसूस होता है। फुटपाथ भी कई जगह टूट चुका है और सुरक्षा रेलिंग क्षतिग्रस्त है। पुल से जुड़े GPS और टेलीफोन के करीब आधा दर्जन तार गंगा में पड़े दिखाई दिए। राहगीरों का दावा है कि ये तार करीब दो महीने से इसी स्थिति में हैं।गंगापुल के आगे जाजमऊ-रामादेवी फ्लाईओवर की सड़क भी गड्ढों और बजरी से खराब है। बारिश के बाद फिसलन बढ़ने से दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।एनएचएआई के इंजीनियर राजकमल के अनुसार पुल की पोक लेयर कमजोर होने के कारण कंक्रीट और डामर का मिश्रण टिक नहीं पा रहा है। एनएचएआई ने व्यापक मरम्मत के लिए पुल को 90 दिन बंद करने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद ऊपरी हिस्से की मरम्मत शुरू होगी। इस दौरान यातायात को वैकल्पिक मार्गों से गुजारना बड़ी चुनौती होगी।