
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के डॉग स्क्वायड को मजबूत करने के लिए बीएसएफ से प्रशिक्षित दो ट्रैकर डॉग रोलर और टैडी को शामिल किया गया है। करीब डेढ़ वर्ष उम्र के दोनों मेल डॉग्स को मानव गंध और क्राइम सीन से मिले सामान को ट्रैक करने में विशेषज्ञता हासिल है। रोलर जर्मन शेफर्ड और टैडी लैब्राडोर नस्ल का है। दोनों ने घाटमपुर के मुमताज हत्याकांड और सजेती में ऑटो चालक की हत्या के मामले में पुलिस को अहम सुराग उपलब्ध कराए।दोनों ट्रैकर डॉग्स के शामिल होने के बाद कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के डॉग स्क्वायड में अब कुल तीन डॉग हो गए हैं। इनमें आठ वर्षीय फीमेल नारकोटिक्स स्पेशल डॉग जिम्मी भी शामिल है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही एक और डॉग को स्क्वायड में शामिल किया जाएगा।
एक साल से ट्रैकर डॉग की थी कमी
कानपुर पुलिस के डॉग स्क्वायड में पहले दो ट्रैकर डॉग यामिनी और नेक्सन शामिल थे। यामिनी जर्मन शेफर्ड और नेक्सन डॉबरमैन नस्ल का था। उम्र पूरी होने के बाद करीब एक वर्ष पहले दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस के पास कोई ट्रैकर डॉग नहीं बचा था। नारकोटिक्स मामलों में काम करने वाली जिम्मी ही स्क्वायड में मौजूद थी।पुलिस लाइन के रिजर्व इंस्पेक्टर राकेश कुमार शर्मा के मुताबिक ट्रैकर डॉग की कमी को पूरा करने के लिए बीएसएफ के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स, टेकनपुर से प्रशिक्षित रोलर और टैडी को कानपुर पुलिस में शामिल किया गया है।
नौ माह की ट्रेनिंग के बाद कानपुर पहुंचे
रोलर और टैडी को टेकनपुर स्थित बीएसएफ के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स में नौ माह का प्रशिक्षण दिया गया है। दोनों मानव गंध के कणों को ट्रैक करने के साथ ही अपराध में इस्तेमाल की गई वस्तुओं और संदिग्धों के फुटप्रिंट को सूंघकर उनका पीछा करने में सक्षम हैं। पुलिस के मुताबिक यदि किसी अपराधी ने हथियार, पानी का गिलास या कोई अन्य वस्तु छुई है तो क्राइम सीन सुरक्षित रहने की स्थिति में डॉग उस गंध को ट्रैक कर सकता है।
रोजाना तीन घंटे होती है ट्रेनिंग
डॉग स्क्वायड में तैनात हेड कांस्टेबल अरुणेश कुमार के मुताबिक रोलर के मास्टर कांस्टेबल विपिन कुमार और टैडी के मास्टर कांस्टेबल आकाश कुमार हैं। दोनों डॉग्स को रोजाना करीब तीन घंटे प्रशिक्षण दिया जाता है। सुबह करीब 6:30 बजे ट्रेनिंग शुरू होती है। इसमें उनकी विशेषज्ञता के अनुसार अभ्यास कराया जाता है। इसके बाद ग्रूमिंग और एक्सरसाइज कराई जाती है और फिर उन्हें फीडिंग दी जाती है।मास्टर विपिन और आकाश कुमार के अनुसार डॉग्स को सुबह नाश्ते में दो अंडे, 600 ग्राम दूध और 220 ग्राम दलिया दिया जाता है। शाम के भोजन में प्रत्येक डॉग को करीब 600 ग्राम मटन, 250 ग्राम हरी सब्जी और 255 ग्राम आटे की रोटियां दी जाती हैं। अभ्यास के दौरान उन्हें बिस्किट भी दिए जाते हैं। प्रत्येक डॉग की डाइट और मेंटीनेंस पर करीब 12 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च होता है।
रोलर ने मुमताज हत्याकांड में पहुंचाया आरोपी तक
साढ़ थाना क्षेत्र के देवसढ़ गांव में 8 अगस्त 2026 की देर रात मुमताज उर्फ कल्लू की हत्या कर दी गई थी। मुमताज पराग डेयरी की गाड़ी चलाते थे और अपनी पत्नी शाहजहां तथा चार माह की बेटी के साथ गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खेत में बने मकान में रहते थे। घटना की रात बदमाश छत के रास्ते घर में घुसे और लूटपाट के दौरान मुमताज पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में उनकी मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हुई थीं।घटना के बाद पुलिस और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचा। ट्रैकर डॉग रोलर ने घटनास्थल पर मिले फुटप्रिंट और खून से सने डंडे की गंध को ट्रैक किया। इसके बाद वह करीब एक किलोमीटर दूर मुमताज के चचेरे भाई शोयल खान उर्फ रानू के घर तक पहुंच गया। पुलिस ने रानू की मां से पूछताछ की तो उसने उसके घर में होने से इनकार किया। पुलिस का शक गहराने पर पूछताछ की गई, जिसमें सामने आया कि लूटपाट के इरादे से रानू ने ही वारदात को अंजाम दिया था।
टैडी ने ऑटो चालक हत्याकांड में दिलाया सुराग
सजेती क्षेत्र में ऑटो चालक विजय कुमार उत्तम की हत्या के मामले में भी टैडी ने पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिया। बिनगवां केडीए कॉलोनी गल्ला मंडी निवासी 64 वर्षीय विजय कुमार 3 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे ऑटो लेकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अगले दिन परिजन तलाश करते हुए हनुमंत विहार थाने पहुंचे, जहां उन्हें अज्ञात शव की फोटो दिखाई गई। शव की पहचान विजय कुमार के रूप में हुई।जांच के दौरान उनका ऑटो आनूपुर मोड़ के पास खड़ा मिला। मौके पर पहुंचे डॉग स्क्वायड ने जांच शुरू की। मानव गंध ट्रैक करने में माहिर टैडी ने ऑटो के हैंडल को सूंघा और झाड़ियों के रास्ते चौहान ढाबे के पीछे से होते हुए मुख्य मार्ग तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने टैडी द्वारा बताए गए रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो संदिग्ध नजर आए। पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नए ट्रैकर डॉग्स के शामिल होने से हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में डॉग स्क्वायड की भूमिका और प्रभावी होगी।