
PARDARSHI VIKASH NEWS कानपुर में एक विकास कार्य के शिलापट पर नाम न होने को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। सीसामऊ से सपा विधायक नसीम सोलंकी ने आरोप लगाया कि शासन के निर्देशों के बावजूद उनके नाम को शिलापट पर शामिल नहीं किया गया, जबकि अन्य राजनीतिक हस्तियों के नाम मौजूद हैं। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और जनता ही इसका जवाब देगी।विधायक नसीम सोलंकी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई विकास कार्यों में इसी तरह की स्थिति देखने को मिली है।वहीं, बीजेपी पार्षद आलोक पांडेय ने इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नसीम सोलंकी खुद नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अपने पति और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी का नाम शिलापटों पर लिखवाती हैं, जो उनके अनुसार गलत है क्योंकि उनके खिलाफ कानूनी मामले चल रहे हैं।पार्षद ने यह भी कहा कि संबंधित शिलापट नगर निगम की निधि से नहीं बल्कि निजी संस्था के सहयोग से बनाया गया है, इसलिए उस पर सरकारी प्रोटोकॉल लागू नहीं होता। उन्होंने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से करने की बात कही है, साथ ही जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।इस पूरे विवाद ने कानपुर की स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।