
पारदर्शी विकास न्यूज
कानपुर में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और धीमी रफ्तार को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। डीएम, सीडीओ और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने देर रात शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान चुन्नीगंज चौराहे पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अलग-अलग विभागों द्वारा निर्माण कराने से गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए पूरे निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी जाए। वहीं कंपनी बाग चौराहे पर पीडब्ल्यूडी, मेट्रो और जल निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया गया। अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्वरूप नगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्यों में देरी पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया। साथ ही स्वरूप नगर मार्ग के निर्माण के लिए 30 नवंबर की अंतिम समयसीमा तय करते हुए साफ चेतावनी दी गई कि देरी होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जनपद की 14 क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर भी बड़ा आदेश दिया गया है। अधिकारियों को प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके। अब देखना होगा कि प्रशासन की इस सख्ती के बाद कानपुर की सड़कों की तस्वीर कितनी जल्दी बदलती है।