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कानपुर कचहरी में चौथे सप्ताह भी वकीलों की हड़ताल, सात सूत्रीय मांगों पर अड़े अधिवक्ता

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। सात सूत्रीय मांगों को लेकर कानपुर कचहरी में बुधवार को लगातार चौथे सप्ताह अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन और लायर्स एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने कचहरी परिसर में धरना देकर नारेबाजी की और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।बार एसोसिएशन और लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 10 और 11 सितंबर को आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में मांगें पूरी न होने तक प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में 7 अक्टूबर को चौथे बुधवार भी अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। हड़ताल के कारण अदालतों में कामकाज प्रभावित रहा और वादकारियों को अगली तारीख लेकर वापस लौटना पड़ा।सुबह से ही बार एसोसिएशन कार्यालय के बाहर अधिवक्ताओं की भीड़ जुटने लगी। उन्होंने ‘अधिवक्ता एकता जिंदाबाद’ और ‘हमारी मांगें पूरी करो’ के नारे लगाए। इसके बाद अधिवक्ताओं के अलग-अलग समूह तहसील, अदालतों और रजिस्ट्री कार्यालय की ओर गए और साथी अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य न करने का आह्वान किया।हड़ताल के चलते कचहरी परिसर में टाइपिस्ट, स्टांप वेंडर और फोटोकॉपी की अधिकांश दुकानें भी बंद रहीं। इससे कचहरी पहुंचे वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय मिश्रा और लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि अधिवक्ताओं की मांगों पर अब तक प्रदेश सरकार या न्यायिक अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा और आगे की रणनीति जल्द तय की जाएगी।