
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर।छोटी गंडक नदी के तट पर स्थित सोहसा मोक्षधाम में रविवार को नवरात्र की अष्टमी पर जनसहयोग की मिसाल देखने को मिली। करीब 100 गांवों की आस्था से जुड़े इस स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीतों और भव्य आरती के बीच पक्के निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। सामूहिक पूजन के दौरान महिलाओं और दिव्यांग अभिषांक शर्मा ने ईंट रखी। हर-हर महादेव और सतुगढ़ही माता के जयकारों से परिसर गूंज उठा।मोक्षधाम के विकास की घोषणाएं कई बार हुईं, लेकिन निर्माण धरातल पर नहीं उतर सका। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने स्वयं इसके कायाकल्प की जिम्मेदारी उठाई। नयी दिशा पर्यावरण सेवा संस्थान के सचिव डॉ. हरिओम मिश्र के नेतृत्व में शुरू हुई मुहिम के तहत पहले मशीनों से परिसर की सफाई कराई गई। फिर युवाओं ने श्रमदान कर झाड़ियां हटाईं और भूमि का समतलीकरण किया। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ।परवरपार निवासी रजनीकांत राव और कुरहवा के ग्राम प्रधान रघुनाथ यादव ने घाट तक रास्ते पर खड़ंजा बिछाने के लिए एक-एक ट्राली ईंट देने का सहयोग किया। एडवोकेट विपिन तिवारी, मंजीत गुप्ता, सुनील कुशवाहा और धर्मजीत सिंह सहित अन्य लोगों ने भी सहयोग दिया।डॉ. हरिओम मिश्र ने बताया कि पहले घाट तक पक्का रास्ता बनाया जाएगा। इसके बाद बैठने, स्नान करने और शवदाह से जुड़ी सुविधाओं के लिए पक्के घाट का निर्माण चरणबद्ध ढंग से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसहयोग से शुरू हुआ यह अभियान सामूहिक भागीदारी से आगे बढ़ेगा।कार्यक्रम में पंडित मधुबन तिवारी, सेवा लाल यादव, सतवंत यादव, सत्यजीत सिंह, इंद्र कुमार मिश्र, पेशकार गौड़, नितीश गौड़, नरेंद्र नाथ त्रिपाठी, राम नरेश मिश्र, सुभाष कांदू, मंटू राव, राजन चतुर्वेदी, कृष्ण मोहन, विवेक राव, अयूब खान, विजय कांत मिश्र, हेमंत मिश्र, हरेंद्र यादव, अश्वनी पांडेय, शिव कुमार पांडेय, सुशील मिश्र, राज मंगल वर्मा, विनय राव और प्रदीप दूबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।