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होटल कारोबारी ने कोर्ट में बदला बयान, 2.50 करोड़ की रंगदारी के आरोप से किया इनकार

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे से जुड़े रंगदारी मामले में मंगलवार को अहम मोड़ आया। जिला जज अनमोल पाल की अदालत में होटल कारोबारी सुरेश पाल के वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बयान दर्ज किए गए। अदालत में सुरेश पाल ने पहले लगाए गए आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनसे न तो कोई रंगदारी मांगी गई और न ही उनके साथ ऐसी कोई घटना हुई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पुलिस को कोई बयान नहीं दिया था। सुरेश पाल ने 7 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि अखिलेश दुबे और उनके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने वर्ष 2021 में उन्हें दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये की मांग की थी और बाद में 2.50 करोड़ रुपये में मामला तय होने का आरोप लगाया गया था। मामले में रकम दिए जाने का भी दावा किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों में इस मामले को अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज प्रमुख मुकदमों में शामिल बताया गया था। मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही है। कार्यवाहक डीजीसी ओंकार नाथ वर्मा के अनुसार, सुरेश पाल ने बीमारी के कारण अदालत में उपस्थित होने में असमर्थता जताते हुए वीडियो कांफ्रेंसिंग से बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया था। मेडिकल दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे।बयान के दौरान आरोपों से इनकार करने पर अभियोजन ने सुरेश पाल को पक्षद्रोही घोषित करने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। अब अभियोजन 25 सितंबर को सुरेश पाल से जिरह करेगा।मामले में पुलिस की ओर से अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इस प्रकरण के अलावा अखिलेश दुबे के खिलाफ कानपुर के अलग-अलग थानों में रंगदारी समेत अन्य आरोपों से जुड़े कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी।

 

 

इन मामलों में पहले मिल चुकी है जमानत

  • भाजपा नेता रवि सतीजा पर फर्जी रेप केस दर्ज कराकर 50 लाख रंगदारी मांगने
  • जूही में होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी से रंगदारी, डकैती, मारपीट
  • रेप केस में फंसाकर कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला से 10 लाख रंगदारी मांगने
  • अवैध कब्जों की शिकायत करने पर शैलेंद्र कुमार पर झूठी एफआईआर दर्ज कराने और 20 लाख रंगदारी मांगने