
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। गुरु गोविंद सिंह और सिख समुदाय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को सिख समाज के लोगों ने फजलगंज थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त धाराएं लगाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कालपी रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बर्रा निवासी अजय सिंह ने फोन पर गुरु गोविंद सिंह के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। इस घटना से नाराज सिख संगठनों के पदाधिकारी और समाज के लोग थाने पहुंच गए तथा नारेबाजी करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस मौके पर तैनात की गई। एसीपी ज्योति श्री और अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सिख समाज के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई।बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय मांगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि तय समय के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे दोबारा थाने का घेराव करेंगे और आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। इस बीच आरोपी अजय सिंह ने एक गुरुद्वारे से वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का नाम लेकर जो गलती हुई, उसके लिए वह क्षमा मांगते हैं और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेंगे। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव फैलाना नहीं, बल्कि अपने धर्मगुरुओं के सम्मान की रक्षा करना है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि कानून के अनुसार दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
गिरफ्तारी होने दीजिए :वकील
थाने के अंदर सिख संगठन के पदाधिकारी व एसीपी स्वरूप नगर ज्योति श्री के साथ बातचीत जारी है। इस दौरान अधिवक्ता मोहनजीत सिंह गंभीर ने आक्रोशित लोगों को समझाते हुए कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी होने दीजिए। जिस दिन वह कचहरी आएगा उस दिन बेल का विरोध किया जाएगा।

"मैं अपने द्वारा की गई गलती के लिए दिल से क्षमा मांगता हूं। मेरे शब्दों से यदि सिख समाज और गुरु गोविंद सिंह जी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे इसका गहरा दुख है। मेरा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं था। मैं गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर भी अपनी गलती स्वीकार कर चुका हूं और संगत से माफी मांगी है। मैं विश्वास दिलाता हूं कि भविष्य में ऐसी कोई गलती दोबारा नहीं होगी। सभी धर्मों और उनके गुरुओं का मैं सम्मान करता हूं और सभी से हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थी हूं।" – अजय सिंह