
PARDARSHI VIKASH NEWS औरैया में विशेष न्यायाधीश गैंग्स्टर एक्ट विनय प्रकाश सिंह ने सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गैंग्स्टर मामले में फैसला सुनाया है। लगभग साढ़े चार वर्ष पुराने इस मामले में जेल में बंद आरोपी सौरभ सक्सेना को तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। इस फैसले के बाद, सौरभ सक्सेना की तत्काल रिहाई की स्थिति बन गई है, क्योंकि वह पहले ही साढ़े चार वर्ष जेल काट चुका है।अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि सदर कोतवाली पुलिस ने 8 अक्टूबर 2021 को गोविंद नगर, औरैया निवासी सौरभ सक्सेना पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और तब से वह जिला कारागार इटावा में बंद है।दोषी सौरभ सक्सेना ने जेल से न्यायालय में जुर्म इकबाल प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। उसने बताया कि वह एक गरीब व्यक्ति है और उसका कोई पैरोकार नहीं है। उसने न्यायालय से कम से कम सजा देकर मामले का निपटारा करने का आग्रह किया था।न्यायालय ने उसके प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए लिखा कि दोषी ने जुर्म स्वीकार कर न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग किया और न्यायालय का समय बचाया। इसलिए, सजा के बिंदु पर उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। निर्णय में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने का भी उल्लेख किया गया है। चूंकि सौरभ सक्सेना 8 अक्टूबर 2021 से जेल में है, इस आदेश के बाद उसकी तत्काल रिहाई संभव हो गई है।