
पारदर्शी विकास ब्यूरो / कुशीनगर
कुशीनगर। खरीफ सत्र-2026 में प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को नुकसान होने पर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्षतिपूर्ति पाने के लिए निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखना होगा। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने जनपद के सभी बीमित किसानों से अपील की है कि फसल क्षति की शिकायत घटना के 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। निर्धारित समयसीमा में सूचना मिलने पर ही नियमानुसार क्षति आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि 28 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच चक्रवात, ओलावृष्टि और तेज आंधी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से खेत में सुखाने के लिए रखी गई कटी फसल को नुकसान पहुंचने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। यह सुविधा फसल कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई उपज पर लागू होती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसान घटना के 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके बाद बीमा कंपनी, राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीम प्रभावित खेत का स्थलीय सत्यापन कर नुकसान का आकलन करेगी। सत्यापन के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।फसल क्षति की सूचना देने के लिए किसान भारत सरकार के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 अथवा क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। शिकायत दर्ज कराते समय बीमा पॉलिसी संख्या और मोबाइल नंबर की जानकारी देनी होगी। शिकायत दर्ज होने के बाद मिलने वाले डॉकेट नंबर को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, निर्धारित 72 घंटे की अवधि के बाद दर्ज शिकायतें नियमानुसार स्वीकार नहीं की जाती हैं।
जनपद के 41,878 किसान बीमित
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि कुशीनगर जनपद में कुल 41,878 किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित हैं। उन्होंने सभी बीमित किसानों से अपील की कि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होने पर बिना देरी शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही इस जानकारी को अधिक से अधिक किसान भाइयों तक पहुंचाएं, ताकि समयसीमा की जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र किसान बीमा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।योजना से संबंधित अधिक जानकारी और सहायता के लिए किसान टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।